भिवानी में लेडी टीचर मनीषा केस: CBI जांच में देरी पर पिता आमरण अनशन पर बैठे, पुलिस ने DC ऑफिस जाने से रोका
- By Gaurav --
- Monday, 29 Jun, 2026
Bhiwani Teacher Manisha Case: Father
भिवानी: हरियाणा के भिवानी में दिवंगत लेडी टीचर मनीषा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके पिता संजय कुमार सोमवार को आमरण अनशन पर बैठ गए। वे जिला उपायुक्त (DC) कार्यालय के बाहर अनशन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में कुड़ल बास गांव के पास रोक लिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अनशन की अनुमति नहीं मिली है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ महिलाएं सड़क पर बैठकर रोने लगीं, जबकि ग्रामीणों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए कुड़ल बास गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। लोहारू के एसडीएम मनोज कुमार भी ग्रामीणों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे।
उधर, डीसी कार्यालय के बाहर पहले से मौजूद कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया और उनके समर्थकों को भी पुलिस ने वहां से हटा दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।
"10 महीने बाद भी CBI ने नहीं बताया मौत कैसे हुई"
मनीषा के पिता संजय कुमार ने कहा कि उनकी बेटी की मौत को 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन मामले की जांच कर रही CBI अब तक यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें डीसी कार्यालय तक नहीं जाने दिया, इसलिए उन्होंने कुड़ल बास गांव में ही आमरण अनशन शुरू कर दिया। संजय कुमार ने कहा कि प्रशासन ने केवल पांच लोगों को डीसी कार्यालय जाकर बातचीत करने की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया।
उन्होंने कहा, "देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई खुलासा नहीं हुआ। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।"
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप गुलिया ने कहा कि मनीषा को न्याय दिलाने के लिए लगातार शांतिपूर्ण धरने दिए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसी को बचाने की कोशिश कर रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की भी अनुमति नहीं दी जा रही।
किसान संगठनों ने भी दिया समर्थन
धरना स्थल पर पहुंचे किसान नेता सुरेश कौथ ने कहा कि प्रशासन और सरकार तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए भी आवाज नहीं उठा सकता, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल है।
उन्होंने कहा कि मनीषा के पिता न्याय के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और किसान संगठन उनके आंदोलन का समर्थन करेंगे।